Friday, April 24, 2026
HomeLatest Updatesअसम CM के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, वहीं सरमा ने कांग्रेस...

असम CM के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, वहीं सरमा ने कांग्रेस नेताओं पर किया मानहानि केस

[ad_1]

नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ सुनवाई को लेकर वाम नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए एक वीडियो को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया गया है. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वामपंथी नेताओं की उस याचिका को सूचीबद्ध करने के लिए विचार करने पर सहमति जताई है. इस वीडियो में हिमंत बिस्व सरमा एक विशेष समुदाय के लोगों की ओर राइफल से निशाना साधते हुए नजर आ रहे थे. हालांकि, बाद में इस वीडियो को सोशल मीडिया से हटा दिया गया.

सुप्रीम कोर्ट ने असम में आसन्न विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि समस्या यह है कि चुनाव का कुछ हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाता है. भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की अगुवाई वाली पीठ ने वकील निजाम पाशा की दलीलों पर संज्ञान लेते हुए कहा कि वह याचिका को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगी.

 

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कांग्रेस नेताओं जितेंद्र सिंह, भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के खिलाफ मानहानि का केस किया. उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने उनके खिलाफ झूठे, गलत इरादे वाले और बदनाम करने वाले आरोप लगाए हैं. X पर एक पोस्ट में, सरमा ने कहा कि आज, मैंने कांग्रेस नेताओं जितेंद्र सिंह, भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए मेरे खिलाफ झूठे, गलत इरादे वाले और बदनाम करने वाले आरोप लगाने के लिए ₹500 करोड़ के हर्जाने के लिए मानहानि का केस किया है.

पाशा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कुछ नेताओं की ओर से पेश हुए थे. उन्होंने पीठ के समक्ष कहा कि हम इस अदालत से असम के मौजूदा मुख्यमंत्री की तरफ से दिए गए चिंताजनक बयानों और हाल में पोस्ट किए एक वीडियो को लेकर तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध करते हैं. इस संबंध में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है. इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि समस्या यह है कि जैसे ही चुनाव आते हैं, चुनाव का एक हिस्सा उच्चतम न्यायालय में लड़ा जाता है. यही समस्या है. हम मामले को देखेंगे और तारीख देंगे.

[ad_2]

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments